8.3 C
New York
Tuesday, April 23, 2024

Buy now

spot_img

यहां से दफा हो जाओ… ISRO ने के. सिवन को क्यों भगा दिया था? सौंप दिया था 4 बार फेल प्रोजेक्ट का जिम्मा

इसरो (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष के. सिवन (K Sivan) वैज्ञानिक नहीं बल्कि स्कूल टीचर बनना चाहते थे. मास्टर्स के बाद जब वह पहली बार इसरो के सैटलाइट सेंटर नौकरी मांगने गए तो उन्हें ‘यूजलेस’ कहकर दफा हो जाने को कह दिया गया था. 13 अक्टूबर को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (NIT), गोवा के दीक्षांत समारोह में के. सिवन ने अपनी जिंदगी से जुड़े तमाम वाकये साझा किये.

ISRO ने क्यों भगा दिया था?
के. सिवन (K Sivan) कहते हैं कि BE के बाद मैंने नौकरी करने का मन बनाया, लेकिन नौकरी हासिल करना आसान काम नहीं था. इसलिए मैंने मास्टर्स में दाखिला ले लिया. पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद इसरो के सैटलाइट सेंटर नौकरी मांगने गया. सिवन कहते हैं, ‘इसरो (ISRO) के सैटलाइट सेंटर में मुझसे कहा गया- तुम किसी काम के नहीं हो और तुम्हें नौकरी नहीं मिल सकती… यहां से दफा हो जाओ…बाद में एक वक्त ऐसा आया जब मैं उसी संस्थान का अध्यक्ष बना. मुझे सैटलाइट सेंटर में तो नौकरी नहीं मिली थी, लेकिन रॉकेट सेंटर में नौकरी मिल गई थी’.

जो चाहा वो कभी नहीं मिला…
इसरो के पूर्व चीफ के. सिवन कहते हैं कि मैंने अपने करियर में जो चाहा वह कभी नहीं मिला. किस्मत ने हमेशा अलग दरवाजे खोले. 12वीं के बाद मैं पहले BE करना चाहता था, लेकिन मेरे पिताजी ने कहा कि उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं है और बीएससी में एडमिशन दिला दिया. बीएससी के बाद मैं एमएससी करना चाहता था, लेकिन इस बार फिर मेरे पिता ने इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि BE कर लो.

4 बार फेल प्रोजेक्ट को बना दिया सफल
सिवन कहते हैं कि जब मैं जीएसएलवी (Geosynchronous Satellite Launch Vehicle) का डायरेक्टर बना तो इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह सफल बनाकर ही दम लिया. तमाम रिस्क लिए और इस तरीके से इसरो की निगाह में आया. सिवन कहते हैं कि GSLV प्रोजेक्ट बार-बार फेल हो रहा था. इसरो ने मुझे एक ऐसे प्रोजेक्ट का डायरेक्टर बनाया जो 4 बार फेल हो चुका था.

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles