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Thursday, April 18, 2024

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रादौर के नागरिक अस्पताल में मनाया गया विश्व पोलियो दिवस

रादौर के नागरिक अस्पताल में मनाया गया विश्व पोलियो दिवस

रादौर, प्रदेश एजेण्डा न्यूज़

शहर के नागरिक अस्पताल में मंगलवार को शहर में विश्व पोलियो दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एसएमओ डॉ. विजय परमार ने बताया कि पोलियो वायरस से संक्रमण के कारण होने वाला पोलियो रोग वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य संकट रहा है। इस रोग के टीके और जागरूकता के चलते ज्यादातर देशों ने संक्रमण को रोकने में जीत हासिल कर ली है। भारत भी पोलियो मुक्त देशों में है, 13 जनवरी 2011 को पश्चिम बंगाल में संक्रमण का आखिरी केस रिपोर्ट किया गया था। इस रोग के प्रति प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए भारत सरकार 5 साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की ओरल वैक्सीन मुफ्त देती है। वैश्विक स्तर पर पोलियो के जोखिमों को कम करने और इससे बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 24 अक्तूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है।  यह मेडिकल शोधकर्ता जोनास साल्क का जन्मदिन भी है जिन्होंने पोलियो वैक्सीन विकसित करने वाली पहली टीम का नेतृत्व किया था। उन्होंने बताया कि दुनिया के ज्यादातर देशों से पोलियो लगभग खत्म हो गया है। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 तक भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो टाइप-1 के मामले रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। पोलियो रोग, पोलियो वायरस के कारण होने वाली बीमारी है जो मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी या मस्तिष्क के स्टेम में नसों को प्रभावित करती है। पोलियो संक्रमण के कारण अपंगता का खतरा हो सकता है, इसके लक्षण लकवा जैसे दिखते हैं। कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है, इसके कारण मौत का भी जोखिम रहता है। दुनियाभर में टीकाकरण के प्रयासों के चलते हाल के वर्षों में संक्रमण के मामले काफी कम हुए हैं। हालांकि कुछ देश अब भी इस समस्या के शिकार हैं। पोलियो का कोई इलाज मौजूद नहीं है, इसलिए संक्रमितों में इसके लक्षणों और जटिलताओं को कम करने पर ध्यान दिया जाता है। इसके लिए दर्द निवारक दवाइयां, मांसपेशियों में दर्द-ऐंठन को नियंत्रित करने के लिए सेकाईं करने, रोगियों को आराम करने और पौष्टिकता पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। हड्डी की विकृति और मांसपेशियों की कार्यक्षमता में सुधार के लिए फिजियोथेरेपी से लाभ मिल सकता है। पोलियो के टीके बच्चों के शरीर को पोलियो वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा विकसित करने में मदद करते हैं। इसके अलावा हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना भी संक्रमण के जोखिमों को कम करने में मददगार है।

रादौर 1- जानकारी देेते एसएमओ डॉ. विजय परमार।

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