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संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल यमुनानगर में वार्षिकोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया गया 

संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल यमुनानगर में वार्षिकोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया गया
यमुनानगर, प्रदेश एजेण्डा न्यूज़
-संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल यमुनानगर में वार्षिकोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार भारत भूषण भारती ने मुख्य अतिथि रहे तथा हरियाणा की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार रमणीक सिंह मान विशिष्ट अतिथि रहे। प्रबंधकारिणी समिति के चेयरमैन डॉ0 वरयाम सिंह, उनकी धर्मपत्नी डॉक्टर करतार कौर, मुख्य सचिव डॉक्टर रुपिंदर सिंह, खेल सचिव डॉ रणमीत सिंह और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती हरनूप कौर तथा प्रबंधकारिणी समिति के अन्य सदस्य सरदार राजेंद्र सिंह चावला, सरदार दविंदर सिंह भाटिया, सरदार सरबजीत सिंह आदि उपस्थित थे।
प्रबंधकारिणी समिति के सचिव डॉक्टर रुपिंदर सिंह ने आए हुए मेहमानों का स्वागत किया तथा विरासत को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने अपनी प्राचीन परंपराओं का सम्मान करने और पुरातन जीवन मूल्यों को अपनाने पर भी बल दिया। उन्होंने प्राचीन शिक्षा पद्धति आयुर्वेद और नूतन चिकित्सा पद्धति एलोपैथी में भी सामंजस्य स्थापित करते हुए बताया कि हमारी प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति श्रेष्ठ थी लेकिन समय ने करवट बदली जिसके कारण आयुर्वेदिक पद्धति थोड़ी कम प्रचलित रही लेकिन वर्तमान में फिर से इस प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति के अनुसार हमारी जीवन शैली बेहतरीन हो सकती है, यही नहीं करोना महामारी से भारत को बचाने में भी इसी आयुर्वेदिक पद्धति का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मुख्य अतिथि ने कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया। उन्होंने शत- प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 5100 रुपए नकद धनराशि इनाम के रूप में दिए। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 3100 नकद इनाम के रूप में दिए गए तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 2100 नकद धनराशि इनाम के रूप में दी गई। उनके अनुसार मेहनत करने वाले विद्यार्थी निश्चित रूप से जीवन में सफलता के शिखर पर पहुंचते हैं। उन्होंने समारोह की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने समारोह की सफलता पर प्रबंधकारिणी समिति को बधाई दी। उन्होंने अपनी विरासत पर गर्व करने का संदेश दिया तथा जीवन मूल्यों को अपनाकर जीवन में आगे बढ़ने की शिक्षा दी।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सरदार रमणीत सिंह मान ने अपनी विरासत को अपनाने पर बल दिया और समारोह की सराहना की। उन्होंने बैंड और प्रार्थना समूह गान करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए ट्रॉफी दी । उन्होंने अपनी विरासत को अपनाने पर और उस पर गर्व करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारा भारत ऋषि, मुनियों, राम, कृष्ण और 10 गुरु साहिबान की धरती है इसलिए हम सबको अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए और उसे अपना कर हमें विश्व में अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए।
इस अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। जिसका मूल विषय विरासत था । इसमें आधुनिक शिक्षा पद्धति और वैदिक शिक्षा पद्धति का मणिकांचन योग प्रदर्शित करते हुए संपूर्ण गतिविधियों को एक माला की तरह पिरोया गया था। समारोह का आरंभ दीप ज्योति प्रज्वलित करके किया गया ताकि संसार में ज्ञान का प्रकाश फैलाया जा सके। इसके पश्चात गणेश वंदना के द्वारा समारोह का शुभारंभ सम्यक ढंग से किया गया। जहां गुरु शिष्य परंपरा एवं स्त्री शक्ति ने दर्शकों पर अपना जादू बिखरा, वहीं गतका एवं भांगड़ा ने दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। हास्य नाटिका ने सबके चेहरे पर मधुर मुस्कान बिखेर दी। नन्हें बच्चों ने ओणम, गरबा, बिहू, डांडिया आदि नृत्य प्रस्तुत करके सबका मन मोह लिया। रागों पर आधारित समूह गान, यौगिक नृत्य आदि सराहनीय प्रस्तुति थी। अंत में ‘अनेकता में एकता भारत की विशेषता ‘को चरितार्य करते हुए विद्यार्थियों ने वंदे मातरम का गायन किया।
इस मौके पर डायरेक्टर मैडम श्रीमती लीना खेड़ा और प्रधानाचार्य श्रीमती ममता कुमार ने विद्यालय की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें विद्यार्थियों की विशिष्ट उपलब्धियां का विस्तृत वर्णन किया गया। उन्होंने विद्यालय की हर सुविधा संपन्न साइंस लैब, मैथ्स लैब का विस्तृत वर्णन किया उन्होंने संगीत विभाग के सभी भागों यानी नृत्य, तबला, और संगीत आदि की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही साथ उन्होंने आने वाले सत्र में संस्कृत भाषा को भी पढ़ाए जाने के विषय में बताया ताकि बच्चे संस्कृत भाषा का अध्ययन करके अपने प्राचीन ज्ञान के भंडार वेदों, पुराणों का अध्ययन कर सकें।
समारोह की अभूतपूर्व सफलता पर चेयरमैन डॉक्टर वरयाम सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की और अध्यापकों तथा विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने अपने वक्तव्य में बच्चों को सफलता प्राप्त करने के लिए कठोर परिश्रम का संदेश दिया तथा अपनी गौरवमयी संस्कृति और विरासत को अपनाने पर जोर दिया ताकि यह बच्चे अच्छे नागरिक बनकर मानवता का कल्याण करें और देश की प्रगति में सहयोगी बने
विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती लीना खेड़ा, प्रधानाचार्या श्रीमती ममता कुमार, मुख्य समन्वय कर्ता श्री ऋषभ मोंगा, विद्यार्थी एवं अध्यापक गण विशेष सराहना के पात्र हैं जिन्होंने दिन-रात परिश्रम करके इस कार्यक्रम को सफल बनाया। हम भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करते रहेंगे ताकि विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा सके और उन्हें भविष्य में सफल होने के लिए प्रेरित किया जा सके।

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