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Sunday, April 14, 2024

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1400 से अधिक युवाओं ने हृदय पर हाथ रखकर कहा- हम जीवन में नशा नहीं करेंगे

1400 से अधिक युवाओं ने हृदय पर हाथ रखकर कहा- हम जीवन में नशा नहीं करेंगे

ब्यूरो के उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा- नशे की ओवरडोज़ के कारण 681 लोग मृत्यु को प्राप्त हुए

यमुनानगर प्रदेश एजेण्डा न्यूज़

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री ओपी सिंह आईपीएस साहब के दिशानिर्देशों एवं पुलिस अधीक्षक श्री शशांक कुमार सावन भापुसे साहब और श्री अनिल कुमार साहब के मार्गदर्शन में नशे के विरुद्ध निरंतर कठोरतम कार्रवाई की जा रही है तो दूसरी और नशे के विरुद्ध जागरूकता के माध्यम से भी कार्य किया जा रहा है। इस कड़ी में आज राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में एक दिवसीय 65 वां नशा विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/ उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने युवाओं के साथ तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जिसमें सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा, साइबर अपराध से बचने के उपाय और सबसे महत्वपूर्ण नशा जीवन की करता दुर्दशा। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित 1400 से अधिक युवा शक्ति को सम्बोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक वर्ष साढ़े चार लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं जिसमें 5 लाख लोगों सड़क दुर्घटनों का शिकार होते हैं और लगभग 1 लाख 50 हज़ार लोग मृत्यु को प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार 25 वर्ष से कम आयु के 1000 युवा सड़क दुर्घटना में मरते हैं। उन्होंने युवाओं को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया और साइबर अपराध से बचने के उपाय बताते हुए कहा कि साइबर ठगी होने पर 1930 पर सम्पर्क करें। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़े कहते हैं कि अधिकतर 90 प्रतिशत अपराधों की जड़ केवल और केवल नशा है। उन्होंने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि अरै नशा मुक्त होगा हरियाणा, मिलकर सारे जोर लगाना। उन्होंने बताया कि 1 सितम्बर से 25 सितम्बर तक पूरे हरियाणा में नशे के विरुद्ध साइक्लोथॉन यात्रा में वे सबसे आगे रहे थे। डॉ. वर्मा ने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करते हुए बताया कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो अर्थात एनसीआरबी के आंकड़ों पर दृष्टिपात करने से पता चलता है कि भारत में पिछले वर्ष नशीले पदार्थों के ओवरडोज़ लेने के फलस्वरूप 681 लोग मृत्यु को प्राप्त हुए हैं जिसमें 116 महिलायें अर्थात मातृशक्ति भी हैं। इस प्रकार महिलाओं द्वारा ओवरडोज़ लेने के कारण उनकी मृत्यु दर 17 प्रतिशत से भी अधिक की है, यदि मातृशक्ति नशे का शिकार होगी तो यह एक और अधिक चिंता का विषय है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि नशा छोड़कर अपने जीवन को सकारात्मक कार्यों में लगाएं और समाज और राष्ट्र के विकास में सहभगिता करें। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति नशीले पदार्थ अथवा प्रतिबंधित नशा बेच रहा है तो 9050891508 पर निर्भीक होकर गुप्त सूचनाएं दें। युवाओं को जागरूक करते हुए बताया कि नशे के कारण मनुष्य समय से पूर्व ही न केवल वृद्ध हो रहा है अपितु मृत्यु को प्राप्त हो रहा है। नशे के प्रकार और उनके प्रभाव के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए डॉ. वर्मा ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रतिबंधित नशा मनुष्य के लिए किस प्रकार घातक है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के द्वारा बताया कि नशे के प्रभाव में आकर नशा करने वाला व्यक्ति न केवल स्वयं के जीवन को नरक के सामान बना लेता है अपितु परिवार को भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यदि एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत आने वाले नशीले पदार्थ मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए जरा भी अच्छे होते तो सरकार उनके ठेके खोल देती। कार्यशाला में संस्थान के कार्यकारी प्राचार्य पवन कम्बोज ने डॉ. अशोक कुमार वर्मा का धन्यवाद किया और विद्यार्थियों को उन द्वारा दिए गए सन्देश को अपने जीवन में लागू करने के लिए कहा। विद्यार्थियों से विभीन प्रश्न पूछे गए और उत्तर देने वाले विद्यार्थी को सम्मानित किया गया।

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