8.3 C
New York
Tuesday, April 23, 2024

Buy now

spot_img

चार साहिबजादों की शहादत जुल्म व अत्याचार के ​खिलाफ मिसाल है: कंवरपाल गुर्जर

चार साहिबजादों की शहादत जुल्म व अत्याचार के ​खिलाफ मिसाल है: कंवरपाल गुर्जर

यमुनानगर प्रदेश एजेण्डा न्यूज़

सभी को गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए। धर्म व देश के लिए कुर्बानी देने वाले अमर हो जाते हैं व उन्हें दुनिया हमेशा याद रखती है। गुरु तेग बहादुर जी, गुरु गोबिद सिंह जी, माता गुजरी जी व चार साहिबजादों की शहादत जुल्म व अत्याचार के खिलाफ एक मिसाल है जो दुनिया के अंत तक याद रहेगी। छोटे साहिबजादों की कुर्बानी से प्रेरणा लेनी चाहिए कि छोटी आयु में भी हौसला रखने वाले दुनिया को सही रास्ता दिखा सकते हैं। यह बात पर्यटन एवं ​शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने रविवार को गुरुद्वारा साहिब भंभौली में चार साहिबजादों की याद में आयोजित सालाना जोड़ मेले में संगत को संबो​धित करते हुए कही। केबिनेट मंत्री ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और लंगर भी ग्रहण किया।
मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि धर्म की खातिर खुशी-खुशी शहादत और जंग में दुश्मनों को धूल चटाने वाले गुरु गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों के बारे में शायद ही कोई ऐसा होगा, जो नहीं जानता होगा। जहां गुरुजी के दो बड़े साहिबजादे जंग में लड़ते हुए शहीद हो गए, वहीं दो छोटे साहिबजादों को जिंदा दीवार में चिनवा दिया गया। वह नन्हीं जान अपने पीछे आज एक मिसाल कायम करने वाले पदचिह्न छोड़ गए हैं। हमें हमेशा उनकी शहादत को सिमरण रखना चाहिए। अपने पूरे परिवार को देश और धर्म के लिए बलिदान करने वाले श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की कहानी युगों युगों तक याद की जाती रहेगी। भारतीय इतिहास महापुरुषों के बलिदान से भरा पड़ा है, लेकिन इतने छोटे बच्चों की कुर्बानियां बलिदान की पराकाष्ठा है। गुरु गोबिंद सिंह ने अत्याचार के खिलाफ जंग लड़ी। हम सबको उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलना चाहिए। जब तक यह दुनिया रहेगी उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। गुरुद्वारा साहिब में वि​भिन्न राज्यों से पहुंचे रागी जत्थों ने भी संगत को निहाल किया। उन्होंने अपनी बाणी से चार साहिबजादों की वीरता का बखान किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंची संगत ने माथा टेका और प्रशाद ग्रहण किया। गुरुद्वारा के संत जसदीप सिंह ने सालाना जोड़ मेले में पहुंची संगत चार साहिबजादों की वीरता के बारे में बताया। हर साल गुरुद्वारा में उनकी याद में कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles