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अहडवाला सरकारी कालेज में आत्मनिर्भर भारत में एनएसएस की भूमिका: उद्यमिता’ के चतुर्थ दिवस का आयोजन किया गया

 

अहडवाला सरकारी कालेज में आत्मनिर्भर भारत में एनएसएस की भूमिका: उद्यमिता’ के चतुर्थ दिवस का आयोजन किया गया

बिलासपुर सरदारी लाल प्रदेश एजेण्डा न्यूज़

राजकीय महाविद्यालय, अहड़वाला बिलासपुर के प्रांगण में राष्ट्रीय सेवा योजना समिति के तत्वाधान में सात दिवसीय शिविर जिसका मुख्य विषय ‘आत्मनिर्भर भारत में एनएसएस की भूमिका: उद्यमिता’ है के चतुर्थ दिवस का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य विषय ‘मृदा, ऊर्जा और जल संरक्षण’ रहा। आज के मुख्य वक्ताओं के रूप में राजकीय महाविद्यालय, रादौर के राजनीति शास्त्र के सहायक प्रोफेसर मंगला सिंह, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की एस्ट्रोफिजिक्स की स्कॉलर निहारिका कपूर तथा राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला बिलासपुर के अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्रोफेसर अनीता ने शिरकत की। सर्वप्रथम महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ सर्वजीत कौर तथा राष्ट्रीय सेवा योजना समिति की संयोजिका डॉक्टर मनीषा ने वक्ताओं को पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने मिलकर राष्ट्रीय सेवा योजना का गीत ‘स्वयं सजे वसुंधरा संवार दें’ गाया। सर्वप्रथम महाविद्यालय की प्राचार्या ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जैसा कि आज का मुख्य विषय मृदा, ऊर्जा तथा जल संरक्षण है आज के वक्ताओं के द्वारा सभी स्वयंसेवकों को भरपूर जानकारी प्राप्त करने को मिलेगी कि किस प्रकार से हम इन तत्वों को संरक्षित कर सकते हैं। इनके पश्चात राजकीय महाविद्यालय, रादौर के सहायक प्रोफेसर मंगला सिंह ने मृदा संरक्षण से संबंधित विचार प्रकट करते हुए कहा मृदा संरक्षण का अर्थ है मिट्टी को अपने जगह पर रोके रखना। मृदा संरक्षण के अनेक उपाय हैं जैसे वनों की रक्षा करना और जितना हो सके अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना।पुरे विश्व में मिट्टी का कटाव रोकने और उसके संरक्षण के लिए स्थिति के अनुसार अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं। इनके पश्चात अगली वक्ता पंजाब विश्वविद्यालय की शोधार्थी निहारिका कपूर ने ‘स्मॉल स्टेप्स, बिग इम्पैक्ट: द रिप्पल इफेक्ट ऑफ़ एनर्जी कंजर्वेशन’ विषय पर विचार प्रकट करते हुए कहा आज भारत विकास की राह पर है, परंतु बढ़ती आबादी के साथ ऊर्जा मांग भी बढ़ रही है। हमारी निर्भरता जीवाश्म ईंधनों पर है, जो सीमित संसाधन हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए, ऊर्जा संरक्षण अब हमारा कर्तव्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता बन गई है। आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि ऊर्जा का सदुपयोग करेंगे, बर्बादी नहीं होने देंगे। अपने आसपास के लोगों को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। नए भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। ऊर्जा बचाओ, देश जगाओ। इनके पश्चात राजकीय महाविद्यालय, अहड़वाला, बिलासपुर के अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्रोफेसर अनीता ने जल संरक्षण से संबंधित विचार प्रकट करते हुए कहा जल संरक्षण अनावश्यक जल उपयोग को कम करने के लिए जल का कुशलतापूर्वक उपयोग करने का अभ्यास है। उन्होंने जल संरक्षण के अनेक उपाय बताए जैसे कि वृक्षारोपण, रिसाव व वाष्पीकरण रोकना और वर्षा के जल का संग्रह करना। इनके पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना समिति की संयोजिका डॉ मनीषा ने प्राचार्या महोदया, मुख्य वक्ताओं, उपस्थित प्राध्यापकों तथा स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया। इसके पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना समिति की संयोजिका डॉ मनीषा ने मुख्य वक्ताओं को पौधा देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉक्टर ममता मग्गो ने सुचारू रूप से किया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने मृदा, ऊर्जा तथा जल संरक्षण से संबंधित नारे लगाकर रैली निकाली और ग्रामीणों को जागरूक किया इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने कपाल मोचन में स्थित गुरुद्वारा तथा संत रविदास मंदिर में सेवा कर अपना योगदान दिया। इसके पश्चात वापस महाविद्यालय पहुंचकर सभी स्वयंसेवकों ने आज के मुख्य विषय मृदा, ऊर्जा तथा जल संरक्षण से संबंधित भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया और अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये। तत्पश्चात स्वयंसेवकों ने म्यूजिकल चेयर तथा वॉलीबॉल खेल खेले और फिर रंगमंच पर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों से संबंधित प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर डॉक्टर मनीषा, अमरपाल, अमित कुमार, डॉ अमित कपूर, डॉ ममता मग्गो, अनुकृति मौजूद रहे।

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