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Saturday, July 13, 2024

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ग्रामीणों का आरोप वन विभाग षड्यंत्र के तहत फंसा रहा

कलसिया वन रेंज की चिक्कन बीट से खैर के पेड़ काटने का मामला गरमाता जा रहा

ग्रामीणों का आरोप वन विभाग षड्यंत्र के तहत फंसा रहा

छछरौली रविंद्र चौहान प्रदेश एजेण्डा न्यूज़

कलसिया वन रेंज क्षेत्र की चिक्कन बीट से खैर के चार पेड़ कटने का मामला गरमाता जा रहा है । वन विभाग का दावा है कि उन्होंने नाकाबंदी के दौरान एक कार पकड़ी जो तस्कर लेकर फरार हो गए । बाद में पुलिस की मदद से खाली कार को कब्जे में लिया गया । खैर की लकड़ी बरामद नहीं हो सकी। वन विभाग का दावा है कि तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया तो तस्करों ने सरकारी गाडी को टक्कर मार दी और वन कर्मियों से गाली गलौज व धक्कामुक्की खैर से लकड़ी से भरी गाड़ी को भगा ले गए।

 

वन विभाग के डारपुर बीट के साथ चिक्कन बीट का कार्यभार देख रहे गार्ड राजेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी माजिद व शमशाद ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चिक्कन बीट से बीती चार जुलाई को खैर के चार पेड़ काट लिए थे व लकड़ी को अपने घर पर छुपा कर रखा है।

 

उसे छह जुलाई को उन्हें सूचना मिली कि वह लोग खैर के पीसों को गाड़ी में लादकर बाजार में बेचने के लिए ले जाया जाएगा। राजेंद्र ने शिकायत में बताया कि उसने बागपत बीट के वन रक्षक इंचार्ज मनजीत व
सुरेंद्र कुमार माली के साथ मिलकर गांव टिब्बी बक्करवाला में मेन सड़क पर अपनी सरकारी गाड़ी से नाकाबंदी कर दी। दोपहर के करीब दो बजे मेघूवाला की ओर से एक सेंट्रो कार आती दिखाई दी।

 

गाड़ी में खैर की लकड़ी लदी थी, गाड़ी चालक ने उनकी सरकारी गाड़ी में टक्कर मार भागने की कोशिश की। वन कर्मियों से उक्त खैर से लदी कार को रोकने का प्रयास किया तो तस्करों ने उन्हें धक्का मारा व गाली गलौज कर गाड़ी को बहलोलपुर की ओर भगा लिया, वह गांव के अंदर गली से मुड़ कर मेघूवाला की तरफ चल दिए। इसके बाद वह अपनी गाड़ी लेकर चिक्कन की ओर भाग गए।

ग्रामीणों का आरोप षड्यंत्र के तहत फंसा रहा है वन विभाग

ग्रामीण मुस्तकीम ,आलमगीर , शमशाद आदि का कहना है कि यहां के ग्रामीण हर बार वन विभाग के निशानै पर रहते हैं जबकि वन विभाग के कुछ कर्मचारी ही अपनी मिली भगत से तस्करों से खैर की लकड़ी कटवाते हैं। और आरोप ग्रामीणों पर लगा देते हैं। उनका कहना है कि मेंन रोड के पास ही खैर के इतने पेड़ कट गए यह सब बिना मिली विगत के नहीं हो सकता। इसकी जांच होनी चाहिए । उनका आरोप है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारी मिले हुए हैं।ग्रामीणों का आरोप था कि वन विभाग ने जान बूझकर यह षड्यंत्र रचा खाली कार को पकडकर कब्जे में लिया है और ग्रामीणों को चोट भी मारी है। ग्रामीणों का कहना है कि वह इस मामले में उच्च अधिकारियों से मिलेंगे कि मामले की जांच की जाए। एक षड्यंत्र के तहत ग्रामीणों के ऊपर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है और उन्हें तस्कर बनाकर बदनाम किया जा रहा है। उनका कहना है कि जंगल में जगह-जगह खैर के अवशेष हैं । अगर जांच की जाए तो सैकड़ो की तादाद में यहां खैर के अवशेष मिलेंगे।

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